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Category: सनातन धर्म

दिवाली की रात काली पूजा उपासना की पूरी विधि

दिवाली की रात काली पूजा उपासना की पूरी विधि

अंधकार पर प्रकाश की विजय का पर्व दिवाली पूरे भारत में उल्लास से मनाया जाता है। इस दिन माता लक्ष्मी और श्रीगणेश के पूजन का विधान है। पूर्वी भारत, विशेषकर बंगाल, असम और ओडिशा में…

दीवाली की रात करें ये उपाय, बरसेगी लक्ष्मी की कृपा

दीवाली की रात करें ये उपाय, बरसेगी लक्ष्मी की कृपा

दीपावली की रात को सिद्धियों की रात कहा गया है। सिद्धियाँ पाना हर किसी के लिए आसान नहीं होता, पर परंपरा में कुछ ऐसे सरल उपाय बताए गए हैं जिन्हें कोई भी गृहस्थ श्रद्धा से…

माँ लक्ष्मी की कृपा का गुप्त रहस्य! दीपावली पर शंख साधना

माँ लक्ष्मी की कृपा का गुप्त रहस्य! दीपावली पर शंख साधना

1. धनतेरस: शंख का चयन और शोधन धनतेरस के दिन एक अच्छा, बड़ा शंख लाएँ। दक्षिणावर्ती शंख मिल जाए तो सर्वोत्तम है। शोधन: शंख को गोमूत्र में 108 बार डुबोकर निकालें। अंतिम शोधन के बाद…

कार्तिक स्नान के  नियम और महत्व?

कार्तिक स्नान के नियम और महत्व?

हरिजागरणं प्रात:स्नानं तुलसिसेवनम। उद्यापनं दीपदानं व्रतान्येतानि कार्तिके।। इन पांचों नियमों का पालन करने से कार्तिक मास का व्रत करने वाले को व्रत का पूर्ण फल प्राप्त होता है। वह फल इस लोक में ऐश्वर्य एवं…

स्वधास्तोत्रम्: पितरों को प्रसन्न करने का अद्भुत मंत्र

स्वधास्तोत्रम्: पितरों को प्रसन्न करने का अद्भुत मंत्र

स्त्रोत एवं महत्व यह पावन स्तोत्र ब्रह्मवैवर्त पुराण (प्रकृति खंड) में वर्णित है, जहाँ स्वयं ब्रह्माजी द्वारा इसका उपदेश दिया गया है। “स्वधा” पितरों को अर्पित की जाने वाली वह दिव्य शक्ति है जो श्राद्ध,…

जितिया में माछ-मरुआ क्यों खाते हैं?

जितिया में माछ-मरुआ क्यों खाते हैं?

जब पूरे देश के कई हिस्सों में व्रत का मतलब “सात्विक और बिना मांस-मछली का भोजन” माना जाता है, तब मिथिला की माताएँ जितिया व्रत से पहले माछ (मछली) और मरुआ (मड़ुआ/रागी) की रोटी खाकर…

पितृ दोष: क्या है शांति के सरल उपाय?

पितृ दोष: क्या है शांति के सरल उपाय?

ज्योतिष  में मान्यता है कि यदि पूर्वजों का श्राद्ध-तर्पण न हो, या उनके प्रति अपेक्षित सम्मान न निभाया जाए, तो पितृ दोष माना जाता है। इसे कोई एक घटना नहीं, बल्कि कुंडली और परंपरा का…

जितिया 2026 का रहस्य: कब करें व्रत, कब करें पारण?

जितिया 2026 का रहस्य: कब करें व्रत, कब करें पारण?

आश्विन कृष्ण अष्टमी को माताएँ संतान की दीर्घायु के लिए जीवित्पुत्रिका (जितिया) व्रत करती हैं। बिहार, झारखंड और पूर्वी उत्तर प्रदेश में यह सबसे कठिन व्रतों में गिना जाता है, क्योंकि यह निर्जला होता है।…

महालया: माँ दुर्गा के आगमन का पावन पर्व

महालया: माँ दुर्गा के आगमन का पावन पर्व

महालया एक संस्कृत शब्द है, जो ‘महा’ + ‘आलय’ से मिलकर बना है, जिसका अर्थ है — महान आवास। यह पर्व मुख्यतः उत्तर भारत और विशेष रूप से बंगाल में अत्यंत श्रद्धा के साथ मनाया…

पितरों के प्रति श्रद्धा और ऋण चुकाने की परंपरा

पितरों के प्रति श्रद्धा और ऋण चुकाने की परंपरा

सनातन परंपरा में पितरों का स्थान देवताओं के समान ही पूज्य माना गया है। हमारे पूर्वजों ने जो कुछ हमें दिया है, उसका ऋण जीवित रहते चुकाना संभव नहीं होता। इसीलिए उनके परलोक गमन के…