भारतीय संस्कृति: रहस्य, ऊर्जा और प्रकाश का अद्भुत संगम
परम पूज्य हरिवंश जी महाराज भारतीय संस्कृति आज भी सारगर्भित और कल भी देश में नहीं अपितु जग में आलोकित थी। इसमें कोई अतिशयोक्ति नहीं है। सत्यार्थ, कालांतर में भारत वर्ष मे कभी छुआछुत रहा…
परम पूज्य हरिवंश जी महाराज भारतीय संस्कृति आज भी सारगर्भित और कल भी देश में नहीं अपितु जग में आलोकित थी। इसमें कोई अतिशयोक्ति नहीं है। सत्यार्थ, कालांतर में भारत वर्ष मे कभी छुआछुत रहा…
आज का युग एक नए प्रकार की संस्कृति को जन्म दे रहा है, जिसे ‘ग्लोकल कल्चर’ कहा जा सकता है—एक ऐसी दोहरी मानसिकता, जिसमें व्यक्ति बाहर से आधुनिक और वैश्विक दिखना चाहता है, पर भीतर…
माता-पिता के पास पैसा अधिक होने की वजह से वे अपने बच्चों को हर सुविधा उपलब्ध करवाने के चक्कर में उन्हें बबार्दी की तरफ ले जा रहे हैं। कम बच्चे होने की वजह से माता-पिता…
एक लक्ष्य पूर्ण होगा, तुरंत ही दूसरा लक्ष्य उसकी जगह ले लेगा और हम सदा ही उसके पीछे भागते ही रहेंगे और एक दिन ऐसा आएगा की हम भागने में भी समर्थ नहीं रहेंगे और…
वृंदावन में 26 से 30 मार्च 2026 तक पाँचवें विश्व आध्यात्मिक उत्सव का आयोजन किया गया। इस उत्सव में श्री कृष्ण चंद्र शास्त्री ठाकुर जी, श्री देवकीनंदन ठाकुर जी, श्री अनिरुद्धाचार्य जी, श्री महावीर शर्मा…
भारतीय संस्कृति में हरे-भरे पेड़, पवित्र नदियां, पहाड़, झरनों, पशु-पक्षियों की रक्षा करने का संदेश हमें विरासत में मिला है। स्वयं भगवान श्रीराम व माता सीता 14 वर्षों तक वन में रहकर प्रकृति को प्रदूषण…
नवरात्र देश भर में अलग-अलग रूप में मनाए जाते हैं। पूजा अर्चन की जाती है। सबका तात्पर्य यह ही है कि देवी शक्ति की पूजा कर हम उनसे अपने और समाज के कल्याण का आशीर्वाद…
श्री हरिवंश जी महाराज ने अपना सम्पूर्ण जीवन समाज के उत्थान और मानव सेवा को समर्पित किया है। सनातन धर्म के सिद्धांतों से प्रेरित होकर उन्होंने आध्यात्मिक, सामाजिक और नैतिक मूल्यों को जन-जन तक पहुँचाया।…
आईंस्टीन का इनर्जी-मैटर समीकरण ई = एमसी2 के अनुसार भी संसार के सभी द्रव्य ऊर्जा की संहति के ही परिणाम हैं। यहाँ तक कि पदार्थों का स्वरूप परिवर्तन भी ऊर्जा की विभिन्न गत्यात्मकता से ही…
हिंदू तीर्थस्थल धार्मिक मान्यताओं और पूजन अर्चन के लिए विख्यात है। इन सब कार्य को इन स्थलों के ब्राह्मण पंडित कराते हैं। ये ब्राह्मण पंडित पंडा कहे जाते हैं। ये पंडा सदियों से एक कार्य…