जहाँ संस्कार, वहीं आधुनिकता
आज का युग आधुनिकता और तकनीक का है, लेकिन यदि आधुनिकता के साथ संस्कार न हों, तो वही प्रगति परिवार और समाज के लिए संकट बन सकती है। माता-पिता अपने बच्चों को हर सुविधा देना…
आज का युग आधुनिकता और तकनीक का है, लेकिन यदि आधुनिकता के साथ संस्कार न हों, तो वही प्रगति परिवार और समाज के लिए संकट बन सकती है। माता-पिता अपने बच्चों को हर सुविधा देना…
हिंदू धर्म में एकादशी का बहुत महत्व है. साल में 24 एकादशी व्रत आते हैं जिसमें अधिक मास होने पर 26 एकादशी आती है. हर महीने 2 एकादशी आती है. एकादशी भगवान विष्णु को समर्पित…
दुनिया की सभी सभ्यताओं में धार्मिक प्रतीकों का प्रयोग हुआ है, परंतु भारत के मंदिर केवल उपासना स्थल नहीं हैं। ये सृष्टि के विज्ञान, ऊर्जा और चेतना के केंद्र हैं। वेदों की ऋषि-प्रज्ञा जब स्थापत्य…
आज जब समाज में नैतिक मूल्यों का ह्रास हो रहा है और नई पीढ़ी भौतिकता की ओर आकर्षित हो रही है, ऐसे समय में श्री हरिवंश जी महाराज जैसे युवा धर्मगुरु समाज के लिए आशा…
पूरे भारतवर्ष में शादी की अनोखी प्रथा होती है। मिथिलांचल जो माता सीता की जन्मभूमि है। वहां अभी भी वर को काफी आदर सम्मान दिया जाता है। पहले प्रथा ये थी कि लड़के को कम…
हिंदू धर्म में मलमास, अधिक मास या पुरुषोत्तम मास को अत्यंत पवित्र और पुण्यदायी माना गया है। यह मास लगभग हर तीन वर्ष में एक बार आता है। शास्त्रों के अनुसार जिस चंद्र मास में…
सनातन धर्म सबसे पुराना धार्मिक दर्शनशास्त्र है और यह मूल्यों, कर्तव्यों और जिम्मेदारियों का वर्णन करता है जो ब्रह्मांड के निमार्ता ने प्रतिष्ठापित की हैं। इनका पालन सभी को, जीवित या निर्जीव, मनुष्य को भी,…
परम पूज्य हरिवंश जी महाराज भारतीय संस्कृति आज भी सारगर्भित और कल भी देश में नहीं अपितु जग में आलोकित थी। इसमें कोई अतिशयोक्ति नहीं है। सत्यार्थ, कालांतर में भारत वर्ष मे कभी छुआछुत रहा…
आज का युग एक नए प्रकार की संस्कृति को जन्म दे रहा है, जिसे ‘ग्लोकल कल्चर’ कहा जा सकता है—एक ऐसी दोहरी मानसिकता, जिसमें व्यक्ति बाहर से आधुनिक और वैश्विक दिखना चाहता है, पर भीतर…
माता-पिता के पास पैसा अधिक होने की वजह से वे अपने बच्चों को हर सुविधा उपलब्ध करवाने के चक्कर में उन्हें बबार्दी की तरफ ले जा रहे हैं। कम बच्चे होने की वजह से माता-पिता…