वृंदावन में 26 से 30 मार्च 2026 तक पाँचवें विश्व आध्यात्मिक उत्सव का आयोजन किया गया। इस उत्सव में श्री कृष्ण चंद्र शास्त्री ठाकुर जी, श्री देवकीनंदन ठाकुर जी, श्री अनिरुद्धाचार्य जी, श्री महावीर शर्मा जी, श्री हरिवंश जी, श्री बिहारी दास जी जैसे प्रख्यात सनातन धर्म के पूज्य संत कथावाचकों ने भाग लिया। उनके दिव्य शब्दों और धार्मिक प्रवचनो ने श्रोताओं को मंत्रमुग्ध कर दिया।
आध्यात्मिक उत्सव का शुभारंभ सनातन धर्म से जुड़े लोगों ने भगवान कृष्ण और गीता के समक्ष दीप प्रज्वलन कर किया। इस दौरान आध्यात्मिक गुरु मास्टर जी ने कहा कि गीता जीवन जीने की कला तो सिखाती है साथ ही मृत्यु को प्रसाद रूप में ग्रहण करना भी सिखाती है। गीता ज्ञान होने पर जीवन में इतना रस भर जाता है कि वह रास का रूप ले लेता है।

वर्ल्ड स्पिरिचुअल फेस्टिवल वृंदावन में पूज्य श्री हरिवंश जी महाराज ने सनातन धर्म के मूल भाव सर्वे भवंतु सुखिनः की विचारधारा पर जोड़ दिया… सत्य धर्म दया दान त्याग प्रेम सहिष्णुता के भाव को संपूर्ण विश्व विशेष रूप से यूके यूएसए यूरोप कनाडा दुबई से आए लोगों के साथ श्री हरिवंश जी महाराज ने अपने भाव साझा किये..
इस कार्यक्रम के मूल बिंदु में रहे आदरणीय श्री मास्टर जी जिन्होंने गीता के भाव को जन-जन तक पहुंचने में अपना संपूर्ण जीवन समर्पित किया है… मुख्य रूप से पधारे परम पूज्य श्री चिन्ना जीयर स्वामी जी , पूज्य श्री देवकीनंदन ठाकुर जी महाराज, पूज्य श्री अनिरुद्ध आचार्य जी महाराज, पूज्य श्री कृष्ण चंद्र शास्त्री ठाकुर जी महाराज, काशी विद्वत परिषद पश्चिमी भारत के प्रभारी श्री नागेंद्र जी महाराज,जैन संत विवेक मुनि जी एवं सभी धर्म के धर्म गुरू… विशेष रूप से स्थानीय विधायक श्रीकांत शर्मा जी विधायक एवं पूर्व ऊर्जा मंत्री उत्तर प्रदेश सरकार गणमान्य जन उपस्थित रहे..।
