ज्योतिष वाटिका के माध्यम से जीवन की समस्याओं का सटीक मार्गदर्शन और समाधान

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बारूद पर बैठा विश्व, समाधान है सिर्फ श्रीमद्भागवत गीता

बारूद पर बैठा विश्व, समाधान है सिर्फ श्रीमद्भागवत गीता

लगभग छ: हजार वर्ष पहले महाभारत के महायुद्ध में धर्म के पक्ष में युद्ध लड़ रही पांडव सेना के महत्वपूर्ण योद्धा अर्जुन को घोर संशयों से निकालने के लिए त्रिलोकी नाथ योगीराज श्री कृष्ण भगवान…

अद्वितीय व्यक्तित्व के धनी हैं परम पूज्य हरिवंश जी महाराज

अद्वितीय व्यक्तित्व के धनी हैं परम पूज्य हरिवंश जी महाराज

श्री हरिवंश जी महाराज ने अपना सम्पूर्ण जीवन समाज के उत्थान और मानव सेवा को समर्पित किया है। सनातन धर्म के सिद्धांतों से प्रेरित होकर उन्होंने आध्यात्मिक, सामाजिक और नैतिक मूल्यों को जन-जन तक पहुँचाया।…

“क्या हर आत्मा को पार करनी पड़ती हैं 84 लाख योनियाँ?”

“क्या हर आत्मा को पार करनी पड़ती हैं 84 लाख योनियाँ?”

84 के भय से मुक्त तुम्हें कोई नहीं कर सकता, स्वयं ही कर सकते हो। भय वास्तविक है। तुम चाहोगे कि मैं तुमसे कह दूं कि नहीं जी, कोई चिंता की बात नहीं है, चौरासी…

चैत्र नवरात्रि का वैज्ञानिक महत्व

चैत्र नवरात्रि का वैज्ञानिक महत्व

आईंस्टीन का इनर्जी-मैटर समीकरण ई = एमसी2 के अनुसार भी संसार के सभी द्रव्य ऊर्जा की संहति के ही परिणाम हैं। यहाँ तक कि पदार्थों का स्वरूप परिवर्तन भी ऊर्जा की विभिन्न गत्यात्मकता से ही…

अध्यात्म का रहस्य: मंत्र की शक्ति

अध्यात्म का रहस्य: मंत्र की शक्ति

भारतीय वांङ्गमय अध्यात्म, मंत्र, तंत्र और यंत्र साहित्य से परिपूर्ण है। अध्यात्म भारतीय ऋषियों का मौलिक चिंतन है। उन्होंने स्वयं मंत्र का साक्षात्कार किया और तब ही उसे लोगों के सम्मुख प्रस्तुत किया। मंत्र ध्वनि…

समय हैं, काल हैं, शिव ही महाकाल हैं: श्रद्धेय हरिवंश जी महाराज

समय हैं, काल हैं, शिव ही महाकाल हैं: श्रद्धेय हरिवंश जी महाराज

हरिवंश जी महाराज ने पत्रकारों द्वारा पूछे गए शिवमहापुराण, आध्यात्म एवं ज्योतिष के सवालों का हरिवंश जी महाराज ने बड़े ही सुंदर तरीके से जवाब दिया। प्रश्न: गुरूदेव शिवमहापुराण में ऐसा क्या है, जिसे शिवभक्त…

तीर्थस्थल की हिन्दू वंशावलियों की पंजिका

तीर्थस्थल की हिन्दू वंशावलियों की पंजिका

हिंदू तीर्थस्थल धार्मिक मान्यताओं और पूजन अर्चन के लिए विख्यात है। इन सब कार्य को इन स्थलों के ब्राह्मण पंडित कराते हैं। ये ब्राह्मण पंडित पंडा कहे जाते हैं। ये पंडा सदियों से एक कार्य…

कालीघाट – जहाँ हर पुकार सीधे माँ तक पहुँचती है

कालीघाट – जहाँ हर पुकार सीधे माँ तक पहुँचती है

माँ शक्ति के 51 शक्तिपीठो में से एक पीठ है कलकत्ता का कालीघाट का मंदिर।  इस मंदिर में देवी काली जी की एक विशाल प्रतिमा है जिनमे उनका जीभ सोने का है. यह मंदिर अत्यंत…

नव संवत्सर: जब प्रकृति और चेतना का होता है नव जागरण

नव संवत्सर: जब प्रकृति और चेतना का होता है नव जागरण

भारतीय नव वर्ष केवल तिथि परिवर्तन नहीं, बल्कि जीवन में नई ऊर्जा और चेतना के संचार का पावन अवसर है। चैत्र शुक्ल प्रतिपदा से प्रारम्भ होने वाला यह नव संवत्सर प्रकृति के नव श्रृंगार और…