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Category: अध्यात्म

शाक्त संप्रदाय: शक्ति उपासना, तंत्र साधना की अनकही कहानी

शाक्त संप्रदाय: शक्ति उपासना, तंत्र साधना की अनकही कहानी

भारतीय धर्म-परम्परा में शाक्त संप्रदाय का स्थान अत्यंत विशिष्ट है। यह वह मार्ग है जहाँ देवी शक्ति (महादेवी) को ही परम ब्रह्म, सृष्टि का आदि कारण और अंतिम सत्य माना जाता है। आइए जानते हैं…

धरती की चेतावनी: क्या डूब जाएँगे भारत के तटीय शहर?

धरती की चेतावनी: क्या डूब जाएँगे भारत के तटीय शहर?

प्रकृति लगातार संकेत दे रही है, और ये संकेत अब पहले से कहीं ज्यादा खतरनाक होते जा रहे हैं। जंगल सिकुड़ रहे हैं, ग्लेशियर पिघल रहे हैं, और प्राकृतिक संसाधन किसी न किसी वजह से…

शरशय्या की अंतिम रात्रि: जब भीष्म ने कृष्ण से पूछा — “क्या यह सब ठीक था?”

शरशय्या की अंतिम रात्रि: जब भीष्म ने कृष्ण से पूछा — “क्या यह सब ठीक था?”

कुरुक्षेत्र का रणक्षेत्र अब शांत हो चुका था। अठारह दिनों तक गूंजते रहे शंखनाद, अस्त्र-शस्त्रों की टंकार और चीत्कार अब मौन में बदल चुके थे। पर एक स्थान पर अभी भी कुछ अधूरा शेष था…

“वेदों का वो रहस्य, जिसे हम भूल गए!”

“वेदों का वो रहस्य, जिसे हम भूल गए!”

धर्म केवल पूजा-पाठ तक सीमित नहीं है। भारतीय सनातन परंपरा में प्रकृति, पृथ्वी, जल, वायु, वनस्पति और जीव-जंतुओं के संरक्षण को भी जीवन का महत्वपूर्ण हिस्सा माना गया है। हमारे ऋषियों ने हजारों वर्ष पहले…

अधिक पूजा करने पर भी दुख क्यों रहता है?

अधिक पूजा करने पर भी दुख क्यों रहता है?

बहुत से लोग मन की शांति, सुख और ईश्वर की कृपा पाने के लिए नियमित पूजा-पाठ करते हैं, फिर भी उनके जीवन में दुख और अशांति बनी रहती है। इसका कारण पूजा नहीं, बल्कि पूजा…

प्रभु मिलन की आकांक्षा: आत्मा की मौन पुकार

प्रभु मिलन की आकांक्षा: आत्मा की मौन पुकार

“मीरा कहै प्रभु हरि अविनाशी, तन मन ताहि पटै रे।” मीरा का यह वचन केवल भक्ति का गीत नहीं, बल्कि आत्मिक अनुभव का उद्घोष है। वे कहती हैं कि जब से उन्हें अविनाशी प्रभु का…

क्या 84 लाख योनियों के बाद ही मिलता है मानव जन्म?

क्या 84 लाख योनियों के बाद ही मिलता है मानव जन्म?

बहुत से लोग 84 लाख योनियों की दुश्वारियों से भरे जन्मों से भयभीत होकर पाप की इच्छाओं के बाबजूद बुरे कर्मो से दूर रहते है। ऐसे लोगों से कहना चाहूंगा आंतरिक इच्छाओं को केवल भयभीत…

श्रीरामचरित मानस और प्रबंधन विज्ञान

श्रीरामचरित मानस और प्रबंधन विज्ञान

श्रीरामचरित मानस केवल एक धार्मिक ग्रंथ नहीं है, बल्कि यह मानव जीवन, समाज, नेतृत्व और संगठन प्रबंधन का भी गहन स्रोत है। गोस्वामी तुलसीदास द्वारा रचित यह महान ग्रंथ जीवन के हर पक्ष को समेटे…

नियति का विधान: भीष्म पितामह के अनजाने पाप का फल

नियति का विधान: भीष्म पितामह के अनजाने पाप का फल

कुरुक्षेत्र की वह शाम बहुत भारी थी। युद्ध के अठारह दिन समाप्त होने को थे, पर आकाश में अब भी चील-कौवों का शोर और हवा में बारूद और रक्त की गंध घुली हुई थी। रणभूमि…

मानव में विद्यमान दैवीय शक्ति का ये है रहस्य

मानव में विद्यमान दैवीय शक्ति का ये है रहस्य

विश्व के सभी धर्मों के गहन अध्ययन और आधुनिक विज्ञान के अनुसंधान से यह सत्य स्थापित होता है कि समस्त सृष्टि में एक विराट चेतना व्याप्त है। यही शक्ति सूक्ष्म रूप से प्रत्येक मानव के…