मनोकामना पूर्ति के लिए प्रसिद्ध है तारापीठ
बीरभूम (पश्चिम बंगाल) का यह सिद्ध स्थल मां तारा की आराधना और तंत्र साधना के लिए प्रसिद्ध है; महाशमशान, मुंडमालनी और द्वारका नदी से जुड़ी हैं कई अनूठी मान्यताएं पश्चिम बंगाल के बीरभूम जिले में…
बीरभूम (पश्चिम बंगाल) का यह सिद्ध स्थल मां तारा की आराधना और तंत्र साधना के लिए प्रसिद्ध है; महाशमशान, मुंडमालनी और द्वारका नदी से जुड़ी हैं कई अनूठी मान्यताएं पश्चिम बंगाल के बीरभूम जिले में…
धन के अभाव में व्यक्ति का जीवन निर्वाह कठिन हो जाता है और कई बार कठिन परिश्रम के उपरान्त भी वह धन कमाने में असमर्थ रह जाता है। इस लेख में मैं आपको लक्ष्मी प्राप्ति…
कीर्ति वर्मा. न्यूमरोलॉजिस्ट, रेकी हीलर, मो- 9315157472 हिंदू धर्म में शारदीय नवरात्रि का विशेष आध्यात्मिक और धार्मिक महत्व है। आश्विन मास के शुक्ल पक्ष की प्रतिपदा से शुरू होने वाले इन नौ दिनों में मां…
स्त्रोत एवं महत्व यह पावन स्तोत्र ब्रह्मवैवर्त पुराण (प्रकृति खंड) में वर्णित है, जहाँ स्वयं ब्रह्माजी द्वारा इसका उपदेश दिया गया है। “स्वधा” पितरों को अर्पित की जाने वाली वह दिव्य शक्ति है जो श्राद्ध,…
जब पूरे देश के कई हिस्सों में व्रत का मतलब “सात्विक और बिना मांस-मछली का भोजन” माना जाता है, तब मिथिला की माताएँ जितिया व्रत से पहले माछ (मछली) और मरुआ (मड़ुआ/रागी) की रोटी खाकर…
ज्योतिष में मान्यता है कि यदि पूर्वजों का श्राद्ध-तर्पण न हो, या उनके प्रति अपेक्षित सम्मान न निभाया जाए, तो पितृ दोष माना जाता है। इसे कोई एक घटना नहीं, बल्कि कुंडली और परंपरा का…
भागदौड़ भरी ज़िंदगी में जब हम पितृपक्ष में कौए को भोजन देते हैं, तर्पण करते हैं या ब्राह्मण को भोजन कराते हैं, तो मन में अक्सर सवाल उठता है: क्या सच में हमारे दादा-दादी और…
आश्विन कृष्ण अष्टमी को माताएँ संतान की दीर्घायु के लिए जीवित्पुत्रिका (जितिया) व्रत करती हैं। बिहार, झारखंड और पूर्वी उत्तर प्रदेश में यह सबसे कठिन व्रतों में गिना जाता है, क्योंकि यह निर्जला होता है।…
ज्योतिष शास्त्र में सूर्य को जीवन का मूल स्रोत माना गया है — यह हमारे पूर्वजों और पितृ वंश का प्रतिनिधित्व करता है। इसीलिए किसी भी कुंडली में पूर्वजों से जुड़े मामलों को समझने के…
महालया एक संस्कृत शब्द है, जो ‘महा’ + ‘आलय’ से मिलकर बना है, जिसका अर्थ है — महान आवास। यह पर्व मुख्यतः उत्तर भारत और विशेष रूप से बंगाल में अत्यंत श्रद्धा के साथ मनाया…