स्तोत्र और मंत्र में ये होता है अंतर?
किसी भी देवता की पूजा करने से पहले उससे सबंधित मन्त्रों को गुरु की सहायता से सिद्ध किया जाना चाहिए। स्तोत्र: किसी भी देवी या देवता का गुणगान और महिमा का वर्णन किया जाता है।…
किसी भी देवता की पूजा करने से पहले उससे सबंधित मन्त्रों को गुरु की सहायता से सिद्ध किया जाना चाहिए। स्तोत्र: किसी भी देवी या देवता का गुणगान और महिमा का वर्णन किया जाता है।…
अध्यात्म के अनुसार, आभामंडल एक ऐसा अदृश्य ऊर्जा क्षेत्र होता है, जो हमें नकारात्मक ऊर्जा से बचाने में मदद करता है। यह केवल ऊर्जा का घेरा नहीं, बल्कि एक कवच है, जो हमारे समग्र स्वास्थ्य…
हरतालिका तीज हिंदू धर्म का एक अत्यंत महत्वपूर्ण व्रत है, जिसमें माता पार्वती और भगवान शिव की श्रद्धापूर्वक पूजा-अर्चना की जाती है। यह व्रत भाद्रपद माह की शुक्ल पक्ष तृतीया तिथि को रखा जाता है।…
भारतीय धर्म-परम्परा में शाक्त संप्रदाय का स्थान अत्यंत विशिष्ट है। यह वह मार्ग है जहाँ देवी शक्ति (महादेवी) को ही परम ब्रह्म, सृष्टि का आदि कारण और अंतिम सत्य माना जाता है। आइए जानते हैं…
प्रकृति लगातार संकेत दे रही है, और ये संकेत अब पहले से कहीं ज्यादा खतरनाक होते जा रहे हैं। जंगल सिकुड़ रहे हैं, ग्लेशियर पिघल रहे हैं, और प्राकृतिक संसाधन किसी न किसी वजह से…
कुरुक्षेत्र का रणक्षेत्र अब शांत हो चुका था। अठारह दिनों तक गूंजते रहे शंखनाद, अस्त्र-शस्त्रों की टंकार और चीत्कार अब मौन में बदल चुके थे। पर एक स्थान पर अभी भी कुछ अधूरा शेष था…
रीढ़ की हड्डी हमारे शरीर का सबसे महत्वपूर्ण आधार-स्तंभ है। यह लगभग 33 छोटी-छोटी हड्डियों (वर्टिब्रा) से मिलकर बनी होती है, और हर दो हड्डियों के बीच एक कार्टिलेज यानी नरम गद्दी जैसी संरचना होती…
ज्योतिष और आध्यात्मिक साधना से जुड़े लोगों के मन में यह प्रश्न अक्सर आता है। किसी को ग्रहों की शांति के लिए रत्न पहनने की सलाह दी जाती है, तो किसी को मंत्र-जप, दान और…
धर्म केवल पूजा-पाठ तक सीमित नहीं है। भारतीय सनातन परंपरा में प्रकृति, पृथ्वी, जल, वायु, वनस्पति और जीव-जंतुओं के संरक्षण को भी जीवन का महत्वपूर्ण हिस्सा माना गया है। हमारे ऋषियों ने हजारों वर्ष पहले…
“मीरा कहै प्रभु हरि अविनाशी, तन मन ताहि पटै रे।” मीरा का यह वचन केवल भक्ति का गीत नहीं, बल्कि आत्मिक अनुभव का उद्घोष है। वे कहती हैं कि जब से उन्हें अविनाशी प्रभु का…