ज्योतिष वाटिका के माध्यम से जीवन की समस्याओं का सटीक मार्गदर्शन और समाधान

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Tag: सर्वव्यापकता

जीवन में कुछ भी सही न चले, तो करें ये काम

जीवन में कुछ भी सही न चले, तो करें ये काम

जीवन है तो समस्याएं आएंगी ही। यह किसी एक के साथ नहीं, सभी के साथ होता है। लेकिन तकलीफ तब और बढ़ जाती है जब मन में यह सवाल उठता है: “मैं तो एक भला…

क्या सच में पितर धरती पर आते हैं?

क्या सच में पितर धरती पर आते हैं?

भागदौड़ भरी ज़िंदगी में जब हम पितृपक्ष में कौए को भोजन देते हैं, तर्पण करते हैं या ब्राह्मण को भोजन कराते हैं, तो मन में अक्सर सवाल उठता है: क्या सच में हमारे दादा-दादी और…

हरतालिका तीज : पूजन विधि व मंत्र सहित संपूर्ण जानकारी

हरतालिका तीज : पूजन विधि व मंत्र सहित संपूर्ण जानकारी

हरतालिका तीज हिंदू धर्म का एक अत्यंत महत्वपूर्ण व्रत है, जिसमें माता पार्वती और भगवान शिव की श्रद्धापूर्वक पूजा-अर्चना की जाती है। यह व्रत भाद्रपद माह की शुक्ल पक्ष तृतीया तिथि को रखा जाता है।…

गुप्त नवरात्रि में कैसे करें कवच, अर्गला और कीलक पाठ?

गुप्त नवरात्रि में कैसे करें कवच, अर्गला और कीलक पाठ?

माँ दुर्गा की विशेष कृपा पाने के लिए ‘दुर्गा सप्तशती’ का पाठ करना बहुत शुभ माना जाता है. इसमें ‘कवच’, ‘अर्गला’ और ‘कीलक’ स्तोत्र भी शामिल होते हैं, जिनका पाठ करने से पूरी दुर्गा सप्तशती…

टैरो कार्ड खोले ब्रह्मांड के रहस्य

टैरो कार्ड खोले ब्रह्मांड के रहस्य

टैरो कार्ड के बारे में कहा जाता है कि आप इनसे किसी भी सवाल का जवाब हासिल कर सकते हैं। खासतौर पर आपकी निजी समस्याओं को सुलझाने के लिए टैरो कार्ड बहुत ही असरदार माने…

सुखी वैवाहिक जीवन का ज्योतिषीय रहस्य

सुखी वैवाहिक जीवन का ज्योतिषीय रहस्य

आज के समय में धन, स्वास्थ्य और सुख-सुविधाओं के साथ सबसे जरूरी है एक सुखी वैवाहिक जीवन। क्योंकि चाहे इंसान कितना भी संपन्न क्यों न हो, यदि गृहस्थ जीवन में शांति और प्रेम न हो…

“ग्रहों की गूंज, जीवन की दिशा: आचार्य आदित्य झा”

“ग्रहों की गूंज, जीवन की दिशा: आचार्य आदित्य झा”

ज्योतिषाचार्य जी, आपका ज्योतिष में आने का सफर कैसा रहा? क्या यह एक आश्चर्यजनक यात्रा थी? उत्तर-बचपन से ही इनकी रूचि अध्यात्म एवं ज्योतिष में रही है। इनके दादा जी जो संस्कृत के विद्वान शिक्षक…

क्यों है भारत की भूमि पवित्र?

क्यों है भारत की भूमि पवित्र?

भारत में प्रकृति को कभी भी निर्जीव नहीं माना गया। यहाँ की दार्शनिक परंपरा में, भूमि और प्रकृति को स्वयं परमात्मा का एक रूप माना जाता है। इस गहरी श्रद्धा के पीछे कुछ मुख्य अवधारणाएं…