“राहु-केतु का रहस्यमय जाल: कैसे बनता है कालसर्प दोष

ज्योतिषाचार्य आदित्य झा वैदिक रूप से विचार करें, तो राहु का अधिदेवता काल और प्रति अधिदेवता सर्प है, जबकि केतु का अधिदेवता चित्रगुप्त एवं प्रति अधिदेवता ब्रह्माजी हैं। इससे भी यही स्पष्ट होता है कि…