दीपावली की रात को सिद्धियों की रात कहा गया है। सिद्धियाँ पाना हर किसी के लिए आसान नहीं होता, पर परंपरा में कुछ ऐसे सरल उपाय बताए गए हैं जिन्हें कोई भी गृहस्थ श्रद्धा से अपना सकता है। इस लेख में वही उपाय पूजन के क्रम में दिए गए हैं, ताकि आप दीपावली की रात इन्हें आसानी से कर सकें।
पूजन के दौरान
1. दक्षिणावर्ती शंख से गंगाजल का छिड़काव
पूजन के समय पूरे घर और परिसर में दक्षिणावर्ती शंख से गंगाजल छिड़कें। मान्यता है कि इससे घर में नारायण का वास बना रहता है, और जहाँ नारायण हों वहाँ लक्ष्मी स्वतः विराजमान होती हैं।
2. बेलपत्र और कमल की माला
माता लक्ष्मी को बेलपत्र और कमल का फूल अवश्य चढ़ाएँ। कुछ लोग इन्हें केवल शिव जी के लिए उपयुक्त मानते हैं, परंतु परंपरा में लक्ष्मी जी को इनकी माला अर्पित करने से वैभव की प्राप्ति बताई गई है।
3. श्री नारायण सूक्त और श्री सूक्त का पाठ
घर में भगवान विष्णु और माता लक्ष्मी के स्थायी वास की कामना से पूजन के समय इन दोनों सूक्तों का पाठ करें।

4. सोने या चाँदी के साथ कनकधारा स्तोत्र
दीपावली पूजन में सोने के आभूषण या सिक्के का विशेष महत्व है। इसे पूजा स्थल पर रखकर कनकधारा स्तोत्र का पाठ करें। सोना न हो तो चाँदी भी चल सकती है। मान्यता है कि इससे घर धन-धान्य से भरा रहता है।
5. कुबेर पूजन
लक्ष्मी पूजन के साथ भगवान कुबेर का पूजन भी करें। कहा गया है कि इससे घर अन्न और धन से भरा रहता है।
पूजन के बाद
6. गुग्गुल का धुआँ
पूजा पूरी होने पर पूरे परिसर में गुग्गुल की धूनी दें। मान्यता है कि यह नकारात्मक और आसुरी शक्तियों से रक्षा करती है।
मध्य रात्रि में
7. परिवार के साथ सहस्रनाम पाठ
परिवारजनों के साथ बैठकर इनका पाठ करें:
- श्री विष्णुसहस्रनाम या श्री गोपाल सहस्रनाम
- श्री लक्ष्मी सहस्रनाम
संभव हो तो 11 बार, नहीं तो कम से कम एक बार अवश्य करें।
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