भारतीय संस्कृति: रहस्य, ऊर्जा और प्रकाश का अद्भुत संगम
परम पूज्य हरिवंश जी महाराज भारतीय संस्कृति आज भी सारगर्भित और कल भी देश में नहीं अपितु जग में आलोकित थी। इसमें कोई अतिशयोक्ति नहीं है। सत्यार्थ, कालांतर में भारत वर्ष मे कभी छुआछुत रहा…
परम पूज्य हरिवंश जी महाराज भारतीय संस्कृति आज भी सारगर्भित और कल भी देश में नहीं अपितु जग में आलोकित थी। इसमें कोई अतिशयोक्ति नहीं है। सत्यार्थ, कालांतर में भारत वर्ष मे कभी छुआछुत रहा…
भारतीय दर्शन के चार आधारभूत स्तंभ — कर्म-सिद्धांत, पुनर्जन्म, मोक्ष और अध्यात्मवाद — ऐसे सिद्धांत हैं जिन्हें चार्वाक को छोड़कर सभी दर्शन प्रणालियाँ स्वीकार करती हैं। आस्तिक (सांख्य, योग, न्याय, वैशेषिक, मीमांसा, वेदांत) हों या…