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Tag: वैदिक काल

गुप्त नवरात्रि में कैसे करें कवच, अर्गला और कीलक पाठ?

गुप्त नवरात्रि में कैसे करें कवच, अर्गला और कीलक पाठ?

माँ दुर्गा की विशेष कृपा पाने के लिए ‘दुर्गा सप्तशती’ का पाठ करना बहुत शुभ माना जाता है. इसमें ‘कवच’, ‘अर्गला’ और ‘कीलक’ स्तोत्र भी शामिल होते हैं, जिनका पाठ करने से पूरी दुर्गा सप्तशती…

मंदिरों में छिपा है सृष्टि का विज्ञान

मंदिरों में छिपा है सृष्टि का विज्ञान

दुनिया की सभी सभ्यताओं में धार्मिक प्रतीकों का प्रयोग हुआ है, परंतु भारत के मंदिर केवल उपासना स्थल नहीं हैं। ये सृष्टि के विज्ञान, ऊर्जा और चेतना के केंद्र हैं। वेदों की ऋषि-प्रज्ञा जब स्थापत्य…

दैनिक जीवन में ज्योतिष विज्ञान का प्रयोग

दैनिक जीवन में ज्योतिष विज्ञान का प्रयोग

भारतीय संस्कृति में ज्योतिष का विशेष महत्व रहा है। प्राचीन काल से ही हमारे ऋषि-मुनियों ने ग्रह-नक्षत्रों की गति का अध्ययन करके मानव जीवन पर उनके प्रभाव को समझाया। ज्योतिष केवल भविष्य बताने का माध्यम…

“ग्रहों की गूंज, जीवन की दिशा: आचार्य आदित्य झा”

“ग्रहों की गूंज, जीवन की दिशा: आचार्य आदित्य झा”

ज्योतिषाचार्य जी, आपका ज्योतिष में आने का सफर कैसा रहा? क्या यह एक आश्चर्यजनक यात्रा थी? उत्तर-बचपन से ही इनकी रूचि अध्यात्म एवं ज्योतिष में रही है। इनके दादा जी जो संस्कृत के विद्वान शिक्षक…

भारतीय संस्कृति: रहस्य, ऊर्जा और प्रकाश का अद्भुत संगम

भारतीय संस्कृति: रहस्य, ऊर्जा और प्रकाश का अद्भुत संगम

परम पूज्य हरिवंश जी महाराज भारतीय संस्कृति आज भी सारगर्भित और कल भी देश में नहीं अपितु जग में आलोकित थी। इसमें कोई अतिशयोक्ति नहीं है। सत्यार्थ, कालांतर में भारत वर्ष मे कभी छुआछुत रहा…

कर्म-सिद्धांत : भारतीय दर्शन का मूलाधार

कर्म-सिद्धांत : भारतीय दर्शन का मूलाधार

भारतीय दर्शन के चार आधारभूत स्तंभ — कर्म-सिद्धांत, पुनर्जन्म, मोक्ष और अध्यात्मवाद — ऐसे सिद्धांत हैं जिन्हें चार्वाक को छोड़कर सभी दर्शन प्रणालियाँ स्वीकार करती हैं। आस्तिक (सांख्य, योग, न्याय, वैशेषिक, मीमांसा, वेदांत) हों या…