चैत्र नवरात्रि का वैज्ञानिक महत्व
आईंस्टीन का इनर्जी-मैटर समीकरण ई = एमसी2 के अनुसार भी संसार के सभी द्रव्य ऊर्जा की संहति के ही परिणाम हैं। यहाँ तक कि पदार्थों का स्वरूप परिवर्तन भी ऊर्जा की विभिन्न गत्यात्मकता से ही…
आईंस्टीन का इनर्जी-मैटर समीकरण ई = एमसी2 के अनुसार भी संसार के सभी द्रव्य ऊर्जा की संहति के ही परिणाम हैं। यहाँ तक कि पदार्थों का स्वरूप परिवर्तन भी ऊर्जा की विभिन्न गत्यात्मकता से ही…
हिंदू तीर्थस्थल धार्मिक मान्यताओं और पूजन अर्चन के लिए विख्यात है। इन सब कार्य को इन स्थलों के ब्राह्मण पंडित कराते हैं। ये ब्राह्मण पंडित पंडा कहे जाते हैं। ये पंडा सदियों से एक कार्य…
भारतीय नव वर्ष केवल तिथि परिवर्तन नहीं, बल्कि जीवन में नई ऊर्जा और चेतना के संचार का पावन अवसर है। चैत्र शुक्ल प्रतिपदा से प्रारम्भ होने वाला यह नव संवत्सर प्रकृति के नव श्रृंगार और…