ब्रिक्स शिखर सम्मेलन के बीच इंटरनेट में छाया विडियो
ब्रिक्स शिखर के बीच एक मुलाकात ने अचानक सबका ध्यान खींच लिया। ईरान के राष्ट्रपति मसूद पेजेश्कियन भारतीय धार्मिक नेताओं, बुद्धिजीवियों और कारोबारियों के साथ एक विशेष संवाद कार्यक्रम में पहुंचे थे। इसी दौरान जगद्गुरु सतीशाचार्य जी महाराज भी मौजूद थे। कार्यक्रम की तस्वीरों और सामने आए वीडियो में दोनों की मुलाकात का एक खास सीन अब सोशल मीडिया पर चर्चा का विषय बना हुआ है।
चरण स्पर्श वाला वो पल
वायरल वीडियो में पेजेश्कियन जगद्गुरु सतीशाचार्य जी महाराज के सामने झुकते और उनके चरण स्पर्श करते नजर आते हैं। यही सीन इस पूरे वीडियो का सबसे ज्यादा चर्चा में रहने वाला हिस्सा बन गया है। वीडियो में आसपास मौजूद लोग भी इस मुलाकात के दौरान दिखाई दे रहे हैं। कार्यक्रम में धार्मिक परंपराओं और आध्यात्मिक मूल्यों पर भी चर्चा हुई। जगद्गुरु सतीशाचार्य जी महाराज ने अपने संबोधन में सनातन की आध्यात्मिक परंपरा और मानवता से जुड़े संदेश पर बात की। इस मुलाकात के दौरान पेजेश्कियन ने भारतीय धार्मिक नेताओं, बुद्धिजीवियों और कारोबारियों से संवाद किया। ईरानी राष्ट्रपति ने कहा कि दैवीय धर्मों की शिक्षाओं का केंद्र न्याय स्थापित करना और मानव गरिमा की रक्षा करना है।

जानिए कौन हैं जगद्गुरू सतीशाचार्य जी महाराज
प्रकांड विद्वान और अद्वितीय मानवतावादी संत, अनंत श्री विभूषित जगद्गुरू रामानंदाचार्य प्रेमेश्वर पीठाधीश्वर जगद्गुरू स्वामी सतीशाचार्य जी महाराज का योगदान आधुनिक भारत में वेदांत दर्शन के प्रचार-प्रसार में अतुलनीय है।
वे ब्रह्म ज्ञान को सरल और सुलभ कराने वाले श्रेष्ठतम साधक हैं, जिनसे असंख्य साधक गुरु दीक्षा प्राप्त कर अध्यात्म साधना के मार्ग पर अग्रसर होते हैं।
ब्रह्म सत्यम जगत मिथ्या, जीवो ब्रह्मैव न पर: इस महान वेदांत सूत्र के वास्तविक अर्थ को जीवन में उतारकर जगद्गुरू सतीशाचार्य जी महाराज ने भारतीय अध्यात्म को जन-जन तक पहुँचाया है । गुरुदेव का जीवन आध्यात्मिक घटनाओं, विलक्षण गुणों और दिव्य प्रेरणाओं से परिपूर्ण है।

उनके गुरुदेव ने भविष्यवाणी की थी कि वे वेद, वेदांग और पुराणों के प्रकांड विद्वान बनकर सनातन संस्कृति के ध्वजवाहक सि( होंगे, और आज वह सत्य हुआ है ।
जगद्गुरू सतीशाचार्य जी महाराज समाज, राजनीति और संस्कृति के प्रत्येक क्षेत्र में सक्रिय रहकर जनमानस का मार्गदर्शन करते हैं। इनका संकल्प है कि सनातन धर्म की ध्वजा न केवल भारत में, बल्कि विश्वभर में लहराए। धर्म-संस्कृति के संरक्षण हेतु वे सेमिनार और धर्म संसद जैसे आयोजनों में अग्रणी भूमिका निभाते हैं।
जगद्गुरू स्वामी सतीशाचार्य जी महाराज आधुनिक युग में भारतीय संस्कृति और वेदांत दर्शन के जीवंत प्रतीक हैं । इनकी वाणी, साधना और गुरु दीक्षा से अनगिनत लोग आत्मज्ञान की ओर प्रेरित हुए हैं। ये सनातन धर्म की ध्वजा को अखंड ऊँचाई पर ले जाने वाले युगपुरुष और आस्था के सच्चे दीपस्तंभ हैं। जगद्गुरू सतीशाचार्य जी महाराज का जीवन सनातन की सेवा और संवर्धन को समर्पित है । वे देश के कोने-कोने में जाकर धर्म के गूढ़ रहस्यों का प्रचार-प्रसार करते हैं। पाश्चात्य संस्कृति के दुष्प्रभाव से समाज को बचाने हेतु वे निरंतर जागृति का अभियान चलाते हैं
राजनीतिक, सामाजिक और सांस्कृतिक कार्यक्रमों में अपनी सक्रिय उपस्थिति से सतीशाचार्य जी महाराज जनजागरण करते हैं। उनकी वाणी और प्रवचन से असंख्य लोग धर्म और संस्कृति की ओर प्रेरित होते हैं । सनातन परंपराओं को जीवंत रखने हेतु उनका अथक प्रयास निरंतर जारी है।
