कार्तिक स्नान के नियम और महत्व?
हरिजागरणं प्रात:स्नानं तुलसिसेवनम। उद्यापनं दीपदानं व्रतान्येतानि कार्तिके।। इन पांचों नियमों का पालन करने से कार्तिक मास का व्रत करने वाले को व्रत का पूर्ण फल प्राप्त होता है। वह फल इस लोक में ऐश्वर्य एवं…
हरिजागरणं प्रात:स्नानं तुलसिसेवनम। उद्यापनं दीपदानं व्रतान्येतानि कार्तिके।। इन पांचों नियमों का पालन करने से कार्तिक मास का व्रत करने वाले को व्रत का पूर्ण फल प्राप्त होता है। वह फल इस लोक में ऐश्वर्य एवं…
जीवन है तो समस्याएं आएंगी ही। यह किसी एक के साथ नहीं, सभी के साथ होता है। लेकिन तकलीफ तब और बढ़ जाती है जब मन में यह सवाल उठता है: “मैं तो एक भला…
किसी भी देवता की पूजा करने से पहले उससे सबंधित मन्त्रों को गुरु की सहायता से सिद्ध किया जाना चाहिए। स्तोत्र: किसी भी देवी या देवता का गुणगान और महिमा का वर्णन किया जाता है।…
धर्म केवल पूजा-पाठ तक सीमित नहीं है। भारतीय सनातन परंपरा में प्रकृति, पृथ्वी, जल, वायु, वनस्पति और जीव-जंतुओं के संरक्षण को भी जीवन का महत्वपूर्ण हिस्सा माना गया है। हमारे ऋषियों ने हजारों वर्ष पहले…
आज का युग आधुनिकता और तकनीक का है, लेकिन यदि आधुनिकता के साथ संस्कार न हों, तो वही प्रगति परिवार और समाज के लिए संकट बन सकती है। माता-पिता अपने बच्चों को हर सुविधा देना…
आज का युग एक नए प्रकार की संस्कृति को जन्म दे रहा है, जिसे ‘ग्लोकल कल्चर’ कहा जा सकता है—एक ऐसी दोहरी मानसिकता, जिसमें व्यक्ति बाहर से आधुनिक और वैश्विक दिखना चाहता है, पर भीतर…