नई दिल्ली। जनसंस्कृति (एनजीओ) एवं माँ कल्याणी सेवा संस्थान के संयुक्त तत्वावधान में ग्रीन लाउंज बैंक्वेट, पीरागढ़ी, नई दिल्ली में ‘धर्मरत्न ज्योतिष सम्मान–2026’ का भव्य एवं गरिमामय आयोजन किया गया। समारोह में देश के विभिन्न राज्यों से आए ज्योतिषाचार्यों, वास्तु विशेषज्ञों, अंकशास्त्रियों, तंत्र-मंत्र विशेषज्ञों, समाजसेवियों, पत्रकारों एवं गणमान्य अतिथियों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया।

कार्यक्रम के मुख्य अतिथि के रूप में डॉ. एच.एस. रावत (धर्मगुरु, लेखक, ज्योतिषाचार्य, वास्तु विशेषज्ञ एवं टीवी पैनलिस्ट), मानवेन्द्र सिंह रावत (ज्योतिषाचार्य एवं मोटिवेशनल स्पीकर), नीरज शर्मा (वैदिक ज्योतिषाचार्य, वास्तु विशेषज्ञ, टैरो कार्ड रीडर, रेमेडी एक्सपर्ट, हस्तरेखा एवं नजर दोष विशेषज्ञ) तथा पंडित प्रभात मिश्रा (वैदिक ज्योतिष आचार्य एवं वास्तुशास्त्री) विशेष रूप से उपस्थित रहे। सभी अतिथियों ने दीप प्रज्वलित कर कार्यक्रम का शुभारंभ किया तथा भारतीय संस्कृति एवं वैदिक ज्योतिष के महत्व पर अपने विचार व्यक्त किए।

समारोह में देशभर से आए विद्वानों को उनके उत्कृष्ट योगदान के लिए ‘धर्मरत्न ज्योतिष सम्मान–2026’ से सम्मानित किया गया। सम्मानित होने वालों में आचार्य राजीव रंजन (वैदिक ज्योतिष आचार्य एवं वास्तुशास्त्री), डॉ. संजय अत्रि (ज्योतिर्विद), मोनू भंडारी (माँ कालका महारानी का लाल, ज्योतिषाचार्य एवं तंत्र-मंत्र विशेषज्ञ), आचार्य विवेक भारद्वाज (ज्योतिषाचार्य, हस्तरेखा विशेषज्ञ एवं जेमोलॉजिस्ट), डॉ. अजय कुमार वैद्य, अमित कुमार जैन, दीपिका जैन, आचार्य संजय शर्मा, रंजना यादव, अंशु झा, पंडित विकास शर्मा, सुकेश शर्मा तथा पत्रकारिता के क्षेत्र में सुभाष झा सहित 100 से अधिक ज्योतिषाचार्यों एवं विशिष्ट व्यक्तित्वों को सम्मानित किया गया।
मुख्य अतिथि डॉ. एच.एस. रावत ने अपने संबोधन में कहा कि वैदिक ज्योतिष भारतीय संस्कृति की अमूल्य धरोहर है, जो मानव जीवन को सही दिशा देने का कार्य करती है। उन्होंने युवा पीढ़ी से भारतीय ज्ञान परंपरा को अपनाने का आह्वान किया।

मानवेन्द्र सिंह रावत ने कहा कि आध्यात्मिक ज्ञान, सकारात्मक सोच और आत्मविश्वास जीवन को नई दिशा देते हैं। नीरज शर्मा ने ज्योतिष, वास्तु एवं आध्यात्मिक उपायों के महत्व पर प्रकाश डाला, जबकि पंडित प्रभात मिश्रा ने वैदिक ज्योतिष एवं वास्तुशास्त्र के वैज्ञानिक पक्ष को विस्तार से समझाया।
समारोह के दौरान सांस्कृतिक प्रस्तुतियों ने उपस्थित अतिथियों का मन मोह लिया। कार्यक्रम में देशभर से आए विद्वानों ने भारतीय संस्कृति, सनातन परंपरा एवं वैदिक ज्योतिष के संरक्षण और प्रचार-प्रसार का संकल्प लिया।

कार्यक्रम का सफल संचालन सुव्यवस्थित ढंग से किया गया। आयोजन की सफलता के लिए आयोजक त्रिलोक कुमार झा एवं अरुण अग्रवाल ने सभी मुख्य अतिथियों, सम्मानित विद्वानों, मीडिया प्रतिनिधियों, सहयोगी संस्थाओं एवं स्वयंसेवकों का आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि भविष्य में भी भारतीय संस्कृति एवं वैदिक ज्योतिष के उत्थान हेतु ऐसे राष्ट्रीय स्तर के आयोजन निरंतर किए जाएंगे।
समारोह का समापन राष्ट्रगान एवं सभी अतिथियों के प्रति धन्यवाद ज्ञापन के साथ हुआ। कार्यक्रम में उपस्थित सभी लोगों ने आयोजन की भूरि-भूरि प्रशंसा करते हुए इसे वैदिक ज्योतिष के क्षेत्र में एक महत्वपूर्ण और प्रेरणादायक पहल बताया।
