प्रभु मिलन की आकांक्षा: आत्मा की मौन पुकार

“मीरा कहै प्रभु हरि अविनाशी, तन मन ताहि पटै रे।” मीरा का यह वचन केवल भक्ति का गीत नहीं, बल्कि आत्मिक अनुभव का उद्घोष है। वे कहती हैं कि जब से उन्हें अविनाशी प्रभु का…