जितिया में माछ-मरुआ क्यों खाते हैं?

जब पूरे देश के कई हिस्सों में व्रत का मतलब “सात्विक और बिना मांस-मछली का भोजन” माना जाता है, तब मिथिला की माताएँ जितिया व्रत से पहले माछ (मछली) और मरुआ (मड़ुआ/रागी) की रोटी खाकर…