शरशय्या की अंतिम रात्रि: जब भीष्म ने कृष्ण से पूछा — “क्या यह सब ठीक था?”

कुरुक्षेत्र का रणक्षेत्र अब शांत हो चुका था। अठारह दिनों तक गूंजते रहे शंखनाद, अस्त्र-शस्त्रों की टंकार और चीत्कार अब मौन में बदल चुके थे। पर एक स्थान पर अभी भी कुछ अधूरा शेष था…