पितरों के प्रति श्रद्धा और ऋण चुकाने की परंपरा

सनातन परंपरा में पितरों का स्थान देवताओं के समान ही पूज्य माना गया है। हमारे पूर्वजों ने जो कुछ हमें दिया है, उसका ऋण जीवित रहते चुकाना संभव नहीं होता। इसीलिए उनके परलोक गमन के…